Dussehra दशहरा 2026: असत्य पर सत्य की विजय का पर्व, जानिए क्यों मनाया जाता है विजयादशमी

दशहरा 2026: देशभर में आज विजयादशमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक माना जाता है। दशहरा के अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है।

भगवान श्रीराम और रावण के युद्ध से जुड़ा है पर्व

हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेतायुग में भगवान श्रीराम और लंकापति रावण के बीच युद्ध हुआ था। लंबे संघर्ष के बाद भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया। इसी विजय की स्मृति में विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है।

दशहरा हमें यह संदेश देता है कि चाहे बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः जीत सत्य और धर्म की ही होती है।

रावण दहन की रहती है विशेष परंपरा

दशहरे के दिन विभिन्न शहरों और कस्बों में बड़े-बड़े रावण के पुतले तैयार किए जाते हैं। शाम के समय धार्मिक कार्यक्रमों और रामलीला के बाद रावण दहन किया जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम देखने पहुंचते हैं।

रावण दहन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि समाज को बुराइयों से दूर रहने का संदेश भी देता है।

दशहरा देता है सकारात्मक संदेश

विजयादशमी का पर्व हमें अपने जीवन से अहंकार, क्रोध, लोभ, असत्य और अन्याय जैसी बुराइयों को दूर करने की प्रेरणा देता है। यह पर्व सत्य, धर्म, सद्भाव और मानवता के रास्ते पर आगे बढ़ने का संदेश देता है।

आर्य खबर की ओर से सभी देशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं।

जय श्री राम।
सत्य की विजय हो, अधर्म का नाश हो।